जालंधर पंजाब दैनिक न्यूज़ (मुनीष तोखी) डीएवी आयुर्वेदिक कॉलेज, जालंधर में प्रिंसिपल डॉ. रजनी के नेतृत्व में “प्रैक्टिकल अप्रोच टू पंचकर्म” विषय पर एक दिवसीय सीएमई (Continuing Medical Education) का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि के पूजन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रिंसिपल डॉ. रजनी ने गुरु रविदास आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय, होशियारपुर के कुलपति डॉ. संजीव सूद का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।सीएमई के दौरान कुलपति डॉ. संजीव सूद ने पंचकर्म चिकित्सा की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पद्धतियों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिया। उन्होंने विभिन्न रोगों, विशेषकर वात एवं जोड़ों से संबंधित बीमारियों के उपचार में पंचकर्म की प्रभावशीलता तथा पूर्वकर्म (Purvakarma) की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद की इस प्राचीन चिकित्सा पद्धति को आधुनिक चिकित्सा दृष्टिकोण के साथ अपनाकर मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा सकता है।कार्यक्रम में शहर के आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़े अनेक चिकित्सकों ने भाग लिया, जिनमें डॉ. योगेश सहगल, डॉ. अतुल दत्ता, डॉ. राजेश चंदना, डॉ. (श्रीमती) चंदना, डॉ. योगेश सचदेवा तथा डॉ. दिनेश जग्गी सहित अन्य गणमान्य चिकित्सक उपस्थित रहे। इसके अलावा कॉलेज के विद्यार्थियों एवं समस्त स्टाफ ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग दिया।मंच का संचालन डॉ. अनिल नागरथ ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों एवं वक्ताओं को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम आयुर्वेद चिकित्सा के प्रचार-प्रसार, चिकित्सकों के ज्ञानवर्धन तथा आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के साथ समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।