जालंधर/मंडी गोबिंदगढ़, 9 जूनपंजाब दैनिक न्यूज़(मुनीष तोखी) पंजाब कराधान विभाग (GST) ने लौह एवं इस्पात (आयरन एंड स्टील) क्षेत्र में टैक्स चोरी के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े अभियानों में से एक को अंजाम देते हुए मंडी गोबिंदगढ़, खन्ना और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक कार्रवाई की है। विभाग की संयुक्त स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंशन यूनिट्स (SIPUs) द्वारा हाल के दिनों में चलाए गए दो बड़े प्रवर्तन अभियानों के दौरान 345 से अधिक वाहनों को जांच के लिए रोका गया तथा लगभग 11.35 करोड़ रुपये मूल्य के माल को जांच के दायरे में लिया गया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर दोषी कारोबारियों पर 6 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाए जाने की संभावना जताई जा रही है।अतिरिक्त कमिश्नर स्टेट टैक्स-1 Sonam IAS के निर्देशन में पंजाब कराधान विभाग की सभी संयुक्त SIPU टीमों के AETC और ETO अधिकारियों ने 5 जून तथा 9 जून को विशेष प्रवर्तन अभियान चलाए। इन अभियानों का मुख्य उद्देश्य फर्जी बिलिंग, संदिग्ध ई-वे बिलों और बिना वैध दस्तावेजों के माल की आवाजाही के माध्यम से की जा रही टैक्स चोरी पर रोक लगाना है। पहले अभियान के दौरान लोहे के स्क्रैप और तैयार इस्पात उत्पादों से भरे 200 से अधिक वाहनों को रोका गया। इन वाहनों में ले जाए जा रहे माल की कुल मात्रा 2,400 मीट्रिक टन से अधिक थी, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 7 करोड़ रुपये आंकी गई। प्रारंभिक जांच में कई मामलों में वैध बिलों और ई-वे बिलों की कमी तथा संदिग्ध दस्तावेजों के उपयोग के संकेत मिले। इसके बाद 9 जून को कराधान विभाग की SIPU लुधियाना, जालंधर, शंभू, पटियाला और बठिंडा की टीमों ने संयुक्त रूप से एक और बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान लोहे के स्क्रैप, स्टील उत्पादों और अन्य संबंधित सामग्री से भरे 145 से अधिक वाहनों को विस्तृत जांच के लिए हिरासत में लिया गया। इन वाहनों में लगभग 1,450 मीट्रिक टन माल होने का अनुमान है, जिसकी बाजार कीमत करीब 4.35 करोड़ रुपये बताई गई है। दोनों अभियानों को मिलाकर 345 से अधिक वाहन, 3,850 मीट्रिक टन से अधिक माल तथा लगभग 11.35 करोड़ रुपये मूल्य की वस्तुएं विभाग की जांच के दायरे में आई हैं। जब इस बाबत जालंधर SIPU के AETC के साथ बात की तो उन्होंने बताया कि अतिरिक्त कमिश्नर स्टेट टैक्स-1 Sonam IAS के दिशा निर्देशों पर पंजाब के सभी SIPU अधिकारियों मंडी गोबिंदगढ़ एवं आसपास के क्षेत्र में संयुक्त ऑपरेशन चलाया। जिसमें कुल 345 संदिग्ध गाड़ियां जांच हेतु कब्जे में ली गई है। जिसमें SIPU जालंधर में 5 तारीख को 40 और आज 37 गाड़ियां पकड़ी है। संयुक्त ऑपरेशन में प्रारंभिक स्तर पर बड़े पैमाने पर कर उल्लंघन के संकेत मिले हैं और दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों पर 6 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
AETC SIPU जालंधर ने बताया कि कई मामलों में माल बिना वैध चालान और ई-वे बिल के परिवहन किया जा रहा था, जबकि कुछ मामलों में प्रस्तुत दस्तावेज संदिग्ध और सत्यापन योग्य नहीं पाए गए। सभी मामलों की विस्तृत जांच जारी है और जीएसटी अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है,उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार टैक्स चोरी के मामलों को लेकर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकारी राजस्व की सुरक्षा और व्यापारिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्यभर में खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऐसे विशेष अभियान भविष्य में भी जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त कमिश्नर स्टेट टैक्स-1 Sonam IAS के दिशा निर्देशों पर SIPU की समन्वित कार्रवाई न केवल कर चोरी पर अंकुश लगाने में सहायक साबित हो रही है, बल्कि जीएसटी अनुपालन को मजबूत करने और ईमानदार व्यापारियों के लिए समान प्रतिस्पर्धी माहौल सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।