


जालंधर पंजाब दैनिक न्यूज़ (मुनीष तोखी) एल.ए.डी.सी. (Legal Aid Defence Counsel) नीति के विरोध में जिला बार एसोसिएशन, जालंधर द्वारा शुरू किया गया आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट आदित्य जैन एवं सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर के नेतृत्व में भूख हड़ताल मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट आदित्य जैन ने बताया कि संयुक्त संघर्ष समिति के निर्णय के अनुसार पिछले 15 दिनों से पूरे पंजाब में अधिवक्ताओं द्वारा “नो वर्क” आंदोलन चलाया जा रहा है। आंदोलन के अगले चरण के रूप में अब भूख हड़ताल शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि संयुक्त संघर्ष समिति भविष्य में जो भी निर्णय लेगी, जिला बार एसोसिएशन जालंधर उसी के अनुरूप अपनी आगामी रणनीति तय करेगा। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष अधिवक्ताओं के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संचालित किया जा रहा है।भूख हड़ताल के दूसरे दिन कुल 15 अधिवक्ता अनशन पर बैठे। इनमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट राम छाबड़ा, पूर्व प्रधान एडवोकेट बलदेव प्रकाश रल्ह, पूर्व सचिव एडवोकेट रतन दुआ, पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष एडवोकेट संजीव कम्बोज, एडवोकेट राकेश धीर, पूर्व संयुक्त सचिव एडवोकेट कुणाल गोयल, पूर्व सहायक सचिव एडवोकेट संगीता सोनी, एडवोकेट संदीप कुमारी, पूर्व कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट हरप्रीत कौर कैली, एडवोकेट भगवतजोत, एडवोकेट मधु शर्मा, एडवोकेट रवीना सेठी, एडवोकेट रॉबिन सेठी, एडवोकेट रोहन कांत तथा एडवोकेट आर.के. मेहमी शामिल रहे।
बार एसोसिएशन के सचिव एडवोकेट रोहित गंभीर ने कहा कि जिला बार एसोसिएशन के इतिहास में यह पहली बार है जब अधिवक्ता अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन को अधिवक्ताओं का लगातार समर्थन मिल रहा है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में अधिवक्ता इससे जुड़ रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि बुधवार को 30 से अधिक अधिवक्ताओं के भूख हड़ताल में शामिल होने की संभावना है, जिससे आंदोलन और अधिक व्यापक रूप लेगा। इस दौरान संयुक्त सचिव एडवोकेट साहिल मल्होत्रा, जूनियर उपाध्यक्ष एडवोकेट सूरज प्रताप सिंह, कार्यकारिणी सदस्य एडवोकेट पारस चौधरी, अमानत भगत, पायल हीर, नेहा अत्री, पूर्व प्रधान एडवोकेट ओम प्रकाश शर्मा, आर.के. भल्ला, बलविंदरजीत सिंह, पूर्व सचिव एडवोकेट संजीव बंसल, हर्षवर्धन कोहली सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भूख हड़ताल पर बैठे साथियों का समर्थन किया। बार एसोसिएशन ने दोहराया कि एल.ए.डी.सी. नीति के संबंध में अधिवक्ताओं की मांगों पर संतोषजनक निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा तथा भविष्य की रणनीति संयुक्त संघर्ष समिति के निर्देशों के अनुसार तय की जाएगी।
