जालंधर पंजाब दैनिक न्यूज़ (मुनीष तोखी) ब्रिटिश ओलिविया स्कूल के होनहार बास्केटबॉल खिलाड़ी शौर्य ने अपनी शानदार खेल प्रतिभा, मेहनत और लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। शौर्य का चयन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में आयोजित होने जा रही सब-जूनियर नेशनल बास्केटबॉल चैंपियनशिप के लिए अंतिम 12 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम में हुआ है। उनकी यह उपलब्धि ब्रिटिश ओलिविया स्कूल के साथ-साथ जालंधर और पंजाब के लिए भी गर्व की बात है। शौर्य की इस शानदार कामयाबी के पीछे लगातार मेहनत, खेल के प्रति समर्पण और प्रतियोगिताओं में निरंतर बेहतर प्रदर्शन की लंबी यात्रा रही है। कोच विजेता के कुशल मार्गदर्शन, नियमित प्रशिक्षण और निरंतर प्रोत्साहन ने शौर्य की खेल प्रतिभा को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्ष 2026–27 के दौरान आयोजित जोनल और जिला स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिताओं में शौर्य ने अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए उन्होंने अगले स्तर के लिए अपनी दावेदारी मजबूत की।
जोनल और जिला स्तर पर प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद शौर्य ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भी अपनी खेल प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। गढ़दीवाला, होशियारपुर में आयोजित स्कूल स्टेट प्रतियोगिता और इसके बाद लुधियाना में हुई सब-जूनियर स्टेट चैंपियनशिप में उन्होंने अपनी गति, तकनीक, टीम वर्क और कोर्ट पर दृढ़ता का परिचय दिया। कोच विजेता के मार्गदर्शन में लगातार अभ्यास और खेल की बारीकियों पर मेहनत करते हुए शौर्य ने हर प्रतियोगिता में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाया। उनके लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। राज्य स्तर पर अपनी योग्यता साबित करने के बाद शौर्य को पूरे पंजाब से चुने गए 21 प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के विशेष नेशनल कैंप के लिए आमंत्रित किया गया। नेशनल कैंप में खिलाड़ियों को कड़े अभ्यास, प्रतियोगिताओं और विभिन्न स्तरों पर उनके खेल प्रदर्शन के आधार पर परखा गया। शौर्य ने इस चुनौतीपूर्ण चरण के दौरान भी अपनी योग्यता, अनुशासन और समर्पण का प्रदर्शन करते हुए अंतिम 12 खिलाड़ियों की राष्ट्रीय टीम में अपनी जगह पक्की कर ली।यह उपलब्धि शौर्य के लिए केवल एक चयन नहीं, बल्कि उनकी खेल यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जोनल स्तर से शुरू हुआ यह सफर जिला और राज्य स्तर को पार करते हुए अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गया है। शौर्य की यह प्रगति स्कूल के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनी है कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और समर्पण के साथ खेलों के क्षेत्र में भी ऊंची मंजिलें हासिल की जा सकती हैं। स्कूल के चेयरमैन श्री विजय मैनी और डायरेक्टर श्रीमती मोनिका मैनी ने शौर्य की इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम में शौर्य का चयन उनकी मेहनत, लगन, अनुशासन, खेल के प्रति समर्पण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। उन्होंने कोच विजेता के मार्गदर्शन और प्रशिक्षण की भी सराहना करते हुए कहा कि खिलाड़ियों को सही दिशा, निरंतर अभ्यास और प्रोत्साहन मिलने से उनकी प्रतिभा को बेहतर मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि स्कूल के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है कि उनका विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर स्कूल का प्रतिनिधित्व करने जा रहा है,
उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटिश ओलिविया स्कूल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देता है और अकादमिक शिक्षा के साथ-साथ खेलों तथा अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए भी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जाता है। शौर्य की उपलब्धि इस बात का उदाहरण है कि उचित मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और मेहनत से विद्यार्थी अपनी प्रतिभा को ऊंचे स्तर तक ले जा सकते हैं। उन्होंने शौर्य को भविष्य में भी इसी तरह मेहनत और अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा राष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए शुभकामनाएं दीं। स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. सुमन बाला तथा समस्त अध्यापकों और खेल विभाग की ओर से भी शौर्य की इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की गई। प्रिंसिपल डॉ. सुमन बाला ने शौर्य, उनके परिवार और कोच विजेता को बधाई देते हुए कहा कि विद्यार्थी की यह उपलब्धि स्कूल के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्कूल परिवार ने उम्मीद जताई कि शौर्य राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रिटिश ओलिविया स्कूल, जालंधर और पंजाब का नाम और ऊंचा करेगा। जोनल से नेशनल तक शौर्य का यह सफर युवा खिलाड़ियों के लिए मेहनत, लगन, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सही मार्गदर्शन की एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आया है।