(पंजाब दैनिक न्यूज़) बुधवार का दिन गणेश जी को समर्पित है. इस साल गणेश चतुर्थी 31 अगस्त 2022 बुधवार के दिन पड़ रही है. साथ में इस बार गणेश चतुर्थी पर रवि योग भी बन रहा है. ऐसे में गणेश उत्सव की शुरुआत बेहद शुभ संयोग में हो रही है.10 दिन तक घर में मंगलमूर्ति गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जाती है. अनंत चतुर्दशी तक धूमधाम से बप्पा का उत्सव मनाया जाता है.पौराणिक कथा के अनुसार गणेश चतुर्थी को गणेश जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाते हैं. महर्षि वेदव्यास जी ने महाभारत की रचना के लिए गणेश जी का आह्वान किया था और उनसे महाभारत को लिपिबद्ध करने की प्रार्थना की. कहते हैं गणेश चतुर्थी के दिन ही व्यास जी ने श्लोक बोलना और गणपति जी ने महाभारत को लिपिबद्ध करना शुरू किया था. 10 दिन तक बिना रूके गणपति ने लेखन कार्य किया. इस दौरान गणेश जी पर धूल मिट्टी की परत जम गई. 10 दिन बाद यानी की अनंत चतुर्दशी पर बप्पा ने सरस्वती नदी में कर खुद को स्वच्छ किया. तब से ही हर साल 10 दिन तक गणेश उत्सव मनाया जाता है.गणेश चतुर्थी को विनायक चतुर्थी भी कहा जाता है. मान्यता है कि इन दस दिनों में जो सच्ची श्रृद्धा से रिद्धी सिद्धि के दाता गणपति जी कि उपासना करता है उसके सारे विघ्न बप्पा हर लेते हैं. गौरी पुत्र गजानन को की स्थापना शुभ मुहूर्त में करने से सुख-समृद्धि की आती है. किन मुहूर्त में करें गणेश जी की आराधन ? कब है होगा गणेश जी का विसर्सन? क्यों मनाते हैं गणेश चतुर्थी? आइए जानते हैं,गणेश चतुर्थी के दिन घर पर बप्पा की मूर्ति स्थापित करते समय जरूर अर्पित करें ये चीजें. आइए जानते हैं इनके बारे में- दुर्वा घास- भगवान गणेश को दूब घास अर्पित करना काफी शुभ माना जाता है. इस दिन दूब घास को गंगाजल से साफ करके इसकी माला बना लीजिए और भगवान गणेश को अर्पित करें.
मोदक- गणेश जी को मोदक बहुत प्रिय हैं ऐसे में आप जितने दिन भी गणेश जी को अपने घर में रख रहे हैं प्रत्येक दिन उन्हें मोदक का भोग जरूर लगाएं.
केले- भगवान गणेश को केले भी काफी पसंद हैं ऐसे में भगवान गणेश को लगने वाले भोग में केले को जरूर शामिल करें.