(पंजाब दैनिक न्यूज़) पाकिस्तान में सियासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मुहर लगा दी. पिछले दिनों पाकिस्तान में विपक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था. इस पर वोटिंग से पहले सदन के डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. इसके बाद विपक्षी नेताओं ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि डिप्टी स्पीकर का फैसला कानून के खिलाफ है साथ ही इमरान सरकार को आदेश दिया गया है कि वे अविश्वास प्रस्ताव का सामना करें.संसद भंग मामले में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट के जज ने कहा कि इमरान खान सरकार को अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना होगा और संसद में फिर से वोटिंग होगी. कोर्ट ने आदेश देते हुए कहा कि नेशनल असेंबली को फिर से बहाल किया जाए. अब 9 अप्रैल को इमरान सरकार के खिलाफ फ्लोट टेस्ट होगा.सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से पहले इमरान खान ने अपनी लीगल टीम से मुलाकात की थी. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में सुरक्षा बढ़ा दी गई थी. इस फैसले को सुनने के लिए पक्ष, विपक्ष, चुनाव आयुक्त, अटॉर्नी जनरल आदि तमाम लोग पहुंचे.
इस फैसले से पहले इमरान खान की पार्टी की ओर से कहा गया कि कोर्ट का जो भी फैसला होगा उन्हें स्वीकार होगा. साथ ही इमरान के विरोधी दलों ने भी अपनी पूरी आस्था कोर्ट के फैसले में दिखाई और कहा है कि वे सुप्रीम कोर्ट के फैसले का पूरा सम्मान करेंगे.
फैसले से ठीक पहले पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट में वकीलों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की खबरें भी आईं.
