जालंधर पंजाब दैनिक न्यूज़ (मुनीश तोखी ) हर साल की तरह इस साल भी त्योहारों का सीजन के आते ही बाजार में मिठाई की दुकानें गुलजार होने लगी हैं। आये दिन शहर में मिठाई की दुकानों पर लोगों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही हैं लोगों द्वारा बड़ी तादाद में मिठाई की खरीदारी की जाती है जिसे देखते ही मिठाई बनाने वाले भी बड़े स्तर पर मिठाईयां काफी दिन पहले ही तैयार कर लेते हैं जो कि कुछ ही समय में खराब होना शुरू हो जाती हैं और लोगों की सेहत पर बुरा प्रभाव डालती हैं,बासी और पुरानी मिठाइयां बेचे जाने की लगातार शिकायतें मिलने के बाद भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने मिठाई की दुकानों के लिए यह अनिवार्य कर दिया है कि वे मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट को लिखें,परंतु अब देखने में आया है कि यह लिखा जाना अभी बंद हो चुका है I फेस्टिवल सीजन के मद्देनज़र शहर में फ़ूड सेफ्टी विभाग भी काफी एक्टिव हो गया हैं। जिले भर में फूड सेफ्टी विभाग ने मिठाई की दुकानों पर दोबारा से चेकिंग शुरू कर दी है। फ़ूड सेफ्टी विभाग द्वारा इस चेकिंग अभियान में खासतौर पर सभी जिलों में मिठाई की दुकानों में सिल्वर लीफ पेपर की सैंपलिंग की गयी। जानकारी के लिए आपको बता दे कि सिल्वर लीफ मिठाई पर लगे चांदी के कवर या वर्क को कहा जाता है, जिसकी गुणवत्ता को जांचने के लिए चेकिंग की जा रही है। अभियान के तहत विभाग के फूड सेफ्टी अफसर डिस्ट्रिक्ट हेल्थ अफसर की देखरेख यह चेकिंग अभियान किया जा रहा हैं। जिसके तहत कल फूड सेफ्टी विभाग ने जिले में स्थित विभिन्न मिठाई की दुकानों से सैंपल भरे हैं। इस दौरान मलाई बर्फी,रस मलाई,पनीर,काजू बर्फी सहित सात मिठाइयों के सैंपल भरे गए। और उन्हें आगे जाँच के लिए भेजे गए,त्योहारों के मद्देनज़र मिठाइयों के सैंपल भरने में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं देखने को मिली। क्योंकि मिठाइयों की दुकानों पर अक्सर देखने को मिलता हैं कि त्योहारों के शुरू होते ही मिलावट के साथ अपनी मिठाइयों की बिक्री शुरू कर दी जाती हैं।
जिस से लोगों की हेल्थ पर काफी बुरा असर पड़ता हैं। टीम की तरफ से मलाई बर्फी, रसमलाई, पनीर, काजू बर्फी, पतीसा, मट्ठी, मूंग दाल बर्फी के सैंपल भरे गए है, जिनकी गुणवत्ता की जांच करने के लिए सैंपलों को खरड़ की लेबोरेट्री में भेजा जाएगा I ऐसे ही कई मामले नकली पनीर के भी आ रहे हैं जो कि बाहर ले शहरों से गाड़ियों के माध्यम से सुबह सोने से पहले ही दुकानों पर पहुंच जाता है I सूत्रों की माने तो इस पूरे मामले की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को भी होती है परंतु कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई Iगौरतलब है कि त्यौहारों का सीजन आते ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसी छापेमारी की जाती रहती है जो की एक महज खानापूर्ति होती है I स्वास्थ्य विभाग की टीमें ना तो बड़े मिलावटखोरों पर कोई कार्रवाई करती है और ना ही बड़ी कानूनी कार्रवाई करती है अब आने वाले दिनों में देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन मिलावटखोरों पर क्या कार्रवाई होती है अब देखना होगा कि फैस्टीवल सीजन के बाद भी मिलावटी मिठाइयां तैयार करने वालों के खिलाफ प्रशासन का अभियान जारी रहेगा या नहीं।
