( पंजाब दैनिक न्यूज़ ) यूक्रेन और रूस के बीच जंग में अमेरिका-ब्रिटेन सहित कई देश यूक्रेन की मदद के लिए आगे आए हैं. ये देश रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को हथियार दे रहे हैं. लेकिन दुनिया के ऊपर परमाणु युद्ध का खतरा भी मंडरा रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने न्यूक्लियर फोर्स को अलर्ट कर दिया है और इसके जवाब में परमाणु निगरानी एजेंसी ने एक अहम बैठक करने का फैसला लिया है.बता दें कि दोनों देशों के बीच यह बातचीत बेलारूस को गोमेल में हुई है. इस बातचीत से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन से रूसी सेना वापस जाए. यूक्रेन का हर नागरिक एक योद्धा है. मुझे विश्वास है हमारी जीत होगी.रूस ने हवाई यात्रा पर प्रतिबंध के जवाब में 36 देशों की एयरलाइंस की उड़ानें प्रतिबंधित कर दी है.अमेरिका ने यूक्रेन पर हमले को लेकर रूस के केंद्रीय बैंक और निवेश कोष पर पाबंदी लगा दी है.रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में रूसी सैन्य अभियान से संबंधित नाटो के आक्रामक बयानों के बाद रविवार को देश के परमाणु निरोध बलों को हाई अलर्ट पर रखने का आदेश दिया. इससे पहले, यूके के विदेश सचिव लिज ट्रस ने चेतावनी दी थी कि यदि रूस को यूक्रेन में नहीं रोका गया, तो संकट नाटो के साथ संघर्ष में बढ़ सकता है. रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु ने राष्ट्रपति पुतिन को सूचित किया है कि रूस के जमीनी, वायु और पनडुब्बी आधारित परमाणु निवारक बल ने रीइन्फोर्समेंट के साथ स्टैंडबाय अलर्ट ड्यूटी शुरू कर दी है.नाटो देशों ने यूक्रेन को हवाई रक्षा मिसाइलें और टैंक रोधी हथियार मुहैया कराए हैं. नाटो प्रमुख जेन्स स्टोलटेनबर्ग ने आज एक ट्वीट में कहा कि उन्होंने यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ फोन पर बातचीत की थी.यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने व्लादिमीरर पुतिन को 21वीं सदी का हिटलर कहा है. उन्होंने दूसरे देशों से अपील की है कि रूस के साथ सभी व्यापारिक संबंध समाप्त किया जाए. आज रूस के साथ व्यापार करने का अर्थ है आक्रमण, युद्ध अपराध, दुष्प्रचार, साइबर हमले और व्यक्तिगत रूप से 21वीं सदी के व्लादिमीर पुतिन नाम के हिटलर का वित्तपोषण.
भारत सरकार ने यूक्रेन से निकाले जा रहे भारतीयों के लिए यात्रा दिशानिर्देशों में किया संशोधन:- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) ने सोमवार को अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्रा एडवाइजरी को संशोधित किया है. जिसमें यूक्रेन से निकाले जा रहे भारतीयों को विभिन्न छूट प्रदान की गई है. यूक्रेन से निकाले जा रहे भारतीयों को अनिवार्य प्री-बोर्डिंग नेगेटिव आरटीपीसीआर टेस्ट और टीकाकरण प्रमाणपत्र के साथ-साथ एयर-सुविधा पोर्टल पर प्रस्थान से पहले दस्तावेजों को अपलोड करने से छूट दी गई है. यदि कोई यात्री आगमन-पूर्व RTPCR परीक्षण प्रस्तुत करने में सक्षम नहीं है या उसने अपना COVID-19 टीकाकरण पूरा नहीं किया है, तो उन्हें भारत आने के बाद 14 दिनों के लिए अपने स्वास्थ्य की स्वयं निगरानी करने की सलाह के साथ सैंपल जमा करने के लिए कहा है. मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि 28 फरवरी 2022 तक, यूक्रेन से 1156 भारतीय भारत आ चुके हैं, जिनमें से किसी भी यात्री को आइसोलेशन में नहीं रखा गया है. इससे पहले आज, EAM S जयशंकर ने एक ट्वीट में जानकारी दी कि 240 फंसे हुए भारतीय नागरिकों को लेकर छठी उड़ान ऑपरेशन गंगा के तहत हंगरी के बुडापेस्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुई है.यूक्रेन और रूस के बीच जंग का आज पांचवां दिन है. कीव से धमाकों और गोलीबारी की कई घटनाएं सामने आई हैं. अमेरिका-ब्रिटेन सहित कई देश यूक्रेन की मदद के लिए आगे आए हैं. ये देश रूस के खिलाफ युद्ध में यूक्रेन को हथियार दे रहे हैं. लेकिन दुनिया के ऊपर परमाणु युद्ध का खतरा भी मंडरा रहा है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने न्यूक्लियर फोर्स को अलर्ट कर दिया है और इसके जवाब में परमाणु निगरानी एजेंसी ने एक अहम बैठक करने का फैसला लिया है.बता दें कि दोनों देशों के बीच यह बातचीत बेलारूस को गोमेल में हुई है. इस बातचीत से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन से रूसी सेना वापस जाए. यूक्रेन का हर नागरिक एक योद्धा है. मुझे विश्वास है हमारी जीत होगी.
