
ए.डी.सी. राहुल चाबा ने कहा कि वन-वे होने से ट्रैफिक नियंत्रण आसानी से हो जाएगा और श्रद्धालुओं को किसी तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि वे मेले के दिनों में प्रशासन द्वारा तय किए गए इसी रूट का पालन करें ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोपहिया वाहन से लेकर बड़े वाहन सभी माता चिंतपूर्णी मेले चलने तक इसी रूट का पालन करेंगे। इस दौरान उन्होंने नगर निगम, परिवहन विभाग, रोडवेज विभाग के अधिकारियों को मेले को लेकर सही व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित बनाया जाए कि मेले के दौरान बसों की छतों पर श्रद्धालु न हो। लंगर कमेटियों को लाऊड स्पीकर के लिए एस.डी.एम. से आज्ञा लेना अनिवार्य होगा। ए.डी.सी. ने बैठक के दौरान उन्होंने अलग-अलग विभागों को निर्देश दिए कि मेले के सुचारू संचालन में वे लंगर कमेटियों के साथ तालमेल बनाकर काम करें। उन्होंने सचिव आर.टी.ए. को निर्देश दिए कि वे यकीनी बनाएं कि मेले के दौरान कोई भी श्रद्धालु भार ढोने वाले वाहनों (कमर्शियल वाहनों) पर न जाएं क्योंकि इन वाहनों से हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि कर्मशियल वाहनों पर श्रद्धालुओं को फट्टे आदि लगाकर बिठाया जाता है I
जिससे जहां कानून का उल्लंघन होता है, वहीं किसी गंभीर हादसे का खतरा भी बना रहता है,उन्होंने कहा कि मेले के दौरान डी.जे. पर पाबंदी रहेगी और अगर कोई भी डी.जे. चलाता पाया गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने नगर निगम को निर्देश दिए कि लंगर लगाने के दौरान सफाई व्यवस्था बरकरार रखना यकीनी बनाया जाए, ताकि वातावरण दूषित न हो सके। उन्होंने यह भी अपील की कि निर्विघ्न यातायात के लिए संगठनों की ओर से सड़क पर आकर लंगर न वितरित किया जाए व लंगर के दौरान सिंगल यूज प्लास्टिक (जो बैन हो चुका है) का प्रयोग न किया जाए। राहुल चाबा ने इस दौरान 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं, मोबाइल शौचालय, पुलिस मानिटरिंग, कंट्रोल रुम, ट्रैफिक कंट्रोल व अन्य सुविधाओं संबंधी भी समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंगर लगाने के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी है, इसलिए लंगर कमेटियों की ओर से यह रजिस्ट्रेशन एस.डी.एम. कार्यालय होशियारपुर से करवाई जा सकती है। डी.एस.पी. सिटी अमरनाथ ने बताया कि मेले को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस की ओर से दिन के समय 16 नाके व रात के समय 14 नाके अलग-अलग स्थानों पर लगाए गए हैं। इस मौके पर अलग-अलग विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। जिससे श्रद्धालुओं को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े

