जालंधर कैंट (पंजाब दैनिक न्यूज़) जालंधर कैंट हल्के में पिछले 15 वर्षों से विकास कार्यों की अनदेखी का मुद्दा एक बार फिर सामने आया है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता राहुल कुमार सनातनी ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।राहुल सनातनी ने कहा कि हल्के के अधिकांश गांवों की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं, जिससे आए दिन हादसे होते रहते हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से विभिन्न समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही,उन्होंने मौजूदा विधायक परगट सिंह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने कभी भी विधानसभा में कैंट क्षेत्र के लोगों के मुद्दों को प्रभावी ढंग से नहीं उठाया। सनातनी के अनुसार, कंटोनमेंट बोर्ड के अधीन रहने वाले लोगों की रजिस्ट्रियां पिछले करीब 15 वर्षों से बंद पड़ी हैं, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही बोर्ड द्वारा कई अन्य प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र में ऐसा कोई अस्पताल नहीं है जहां लोगों को सस्ता और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके। इसके अलावा पेट्रोल पंप, ट्रैफिक व्यवस्था, खेल सुविधाएं जैसे स्टेडियम और अकादमी की भी भारी कमी है।राहुल सनातनी ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक परगट सिंह तीन बार चुनाव जीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद विकास कार्यों में उनका नाम नजर नहीं आता। उन्होंने दावा किया कि कई विकास कार्यों के शिलान्यास पत्थरों पर किसी अन्य व्यक्ति का नाम दर्ज होता है, जिसने अब तक कोई चुनाव भी नहीं लड़ा है।उन्होंने अंत में कहा कि क्षेत्र की जनता अब अपने अधिकारों और विकास को लेकर जागरूक हो रही है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर बड़ा निर्णय ले सकती है।