नई दिल्ली (पंजाब दैनिक न्यूज़ ) हिमालय को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में रखी बेहद डरावनी रिपोर्ट. इसमें बताया गया है कि कितनी तेजी से ग्लेशियर पिघल रहे हैं. साथ ही किस तरह की प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं. सबसे बड़ा खतरा हिमालयी राज्यों और गंगा के मैदानी इलाकों में है.पूरे हिमालय पर 14 हजार से ज्यादा ग्लेशियर मौजूद है. अधिकतर अपना 40 फीसदी हिस्सा खो चुके हैं. केंद्र सरकार ने संसद में एक डरावनी रिपोर्ट पेश की है. इसमें बताया है कि हिमालय के ग्लेशियर अलग-अलग दर से तेजी से पिघल रहे हैं. साथ में यह भी माना कि जलवायु परिवर्तन की वजह से हिमालय की नदियां किसी भी समय प्राकृतिक आपदाएं ला सकती हैं. यानी कश्मीर से लेकर उत्तर-पूर्वी राज्यों तक हिमालय से आफत आ सकती है. सरकार की तरफ से दी गई रिपोर्ट पर संसद की स्टैंडिंग कमेटी जांच-पड़ताल कर रही थी. वह यह देख रही है कि देश में ग्लेशियरों का प्रबंधन कैसे हो रहा है. अचानक से बाढ़ लाने वाली ग्लेशियल लेक आउटबर्स्टस को लेकिन क्या तैयारी है. खासतौर से हिमालय के इलाको में. यह रिपोर्ट 29 मार्च 2023 को लोकसभा में पेश किया गया है