

1957 में उन्होंने सबसे पहला विधानसभा चुनाव लड़ा। 1969 में उन्होंने दोबारा जीत हासिल की। 1969-70 तक वह पंचायत राज, पशु पालन, डेयरी आदि मंत्रालयों के मंत्री रहे।इसके अलावा वह 1970-71, 1977-80, 1997-2002 में पंजाब के मुख्यमंत्री बने। इसके अलावा 1972, 1980 और 2002 में विरोधी दल के नेता भी बने। मोरारजी देसाई के प्रधानमंत्री रहते वह सांसद भी चुने गए। वहीं 2022 का पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद वह सबसे अधिक उम्र के उम्मीदवार भी बने।
