
नगर निगम के कर्मचारियों और अधिकारियों ने यह कार्रवाई कमिश्नर दविंदर सिंह के आदेश पर की है। दरअसल इन दुकानों का निर्माण एक कांग्रेसी नेता द्वारा करवाया जा रहा था। जो कि सत्ताधारी दल के नेताओं को रास नहीं आ रहा था। इसकी शिकायत पहले सेंट्रल हलके के विधायक रमन अरोड़ा के पास भी पहुंची थी। लेकिन इसी दौरान इस अवैध निर्माण की शिकायत इलाके की पार्षद ने नगर निगम के कमिश्नर से की। इसके बाद नगर निगम के कमिश्नर ने आगे बिल्डिंग ब्रांच में एसटीपी औऱ एमटीपी को दिए। कमिश्नर के आदेश मिलने के बाद एमटीपी खुद काम रुकवाने के लिए पूरे अमले के साथ मौके पर पुहुंचे हुए थे। मौके पर उन्होंने दुकानों का निर्माण करवा रहे लोगों से इसकी मंजूरी और अन्य दस्तावेज मांगे। लेकिन वह कुछ भी नहीं दिखा पाए। जिसके बाद निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने काम को रुकवा दिया और वहां पर सील कर नोटिस चिपका दिया। गौरतलब है कि जालंधर में ऐसे अवैध निर्माण सैकड़ों की तादाद में चल रहे हैं अब देखने वाली बात होगी कि नगर निगम कमिश्नर इन पर क्या एक्शन लेते हैं I
