
उन्होंने कहा कि नियमित रूप से हाथ धोने और सही तरह से सांस लेने से एडेनोवायरस समेत कई दूसरी बीमारियों से बचा जा सकता है. अगर किसी बच्चे को उल्टी या दस्त का अनुभव होता है तो उन्हें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इंफेक्शन से बचने के लिए उन्हें घर पर ही रहना चाहिए. जब तक ये लक्षण दिखने बंद न हो जाएं, तब तक उन्हें स्कूल नहीं जाना चाहिए.
ये हैं हेपेटाइटिस के लक्षण
– आंखों या त्वचा के सफेद हिस्से का पीला पड़ना (पीलिया)
– यूरिन में मोटापन आ जाना
– पीला, भूरे रंग का मल
– त्वचा में खुजली होना
– मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
– शरीर में बुखार बने रहना
– हर वक्त थका और बीमार महसूस करना
– भूख में कमी आना और पेट दर्द रहना
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले अक्टूबर से अब तक 12 देशों में कुल 169 बच्चों में हेपेटाइटिस का इलाज किया जा चुका है. मार्च के बाद से अकेले ब्रिटेन में ही इस वायरस के 114 मामले सामने आए हैं.

